अध्याय सारांश
या अध्यायात कर्म योगाचे विस्तृत वर्णन आहे. निष्काम कर्माचे महत्त्व आणि कर्म न करण्याचे दोष सांगितले आहेत.
मुख्य शिकवण
- कर्म का महत्व
- यज्ञ भाव से कर्म
- लोकसंग्रह
- काम और क्रोध पर विजय
या अध्यायातील श्लोक
श्लोक 1
श्लोक 2
श्लोक 3
श्लोक 4
श्लोक 5
श्लोक 6
श्लोक 7
श्लोक 8
श्लोक 9
श्लोक 10
श्लोक 11
श्लोक 12
श्लोक 13
श्लोक 14
श्लोक 15
श्लोक 16
श्लोक 17
श्लोक 18
श्लोक 19
श्लोक 20
श्लोक 21
श्लोक 22
श्लोक 23
श्लोक 24
श्लोक 25
श्लोक 26
श्लोक 27
श्लोक 28
श्लोक 29
श्लोक 30
श्लोक 31
श्लोक 32
श्लोक 33
श्लोक 34
श्लोक 35
श्लोक 36
श्लोक 37
श्लोक 38
श्लोक 39
श्लोक 40
श्लोक 41
श्लोक 42
श्लोक 43